हमारे शरीर में कितना खून होता है? रक्त की संरचना एवं प्रकार

मानव शरीर में कितना खून होता है?


मानव शरीर में रक्त की मात्रा व्यक्ति के  शरीर के आकार पर निर्भर करती है, शरीर   जितना बड़ा होगा, उतना ही अधिक रक्त होगा। एक नवजात शिशु के शरीर में केवल एक कप रक्त होगा जबकि एक 68  -81  किलोग्राम वयस्क के शरीर में लगभग 4 .5 -5 .6  लीटर  (या 10-12  यूनिट) रक्त होगा। रक्त किसी वयस्क के वजन का लगभग 10% है।


लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स, हमारे रक्त के आयतन का लगभग 45% हिस्सा बनाते हैं, और  शेष 55% तरल प्लाज्मा है।


रक्त की संरचना एवं प्रकार 

रक्त एक लाल रंग का तरल है जो रक्त वाहिकाओं में बहता है और हमारे शरीर में घूमता है। इसमें हीमोग्लोबिन नामक लाल वर्णक होता है।जिसके कारण रक्त का रंग लाल होता है। रक्त में 4 घटक होते हैं, प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स। प्लाज्मा रक्त का एक तरल हिस्सा है, और उसमें लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स तैरती रहती हैं ।


रक्त के तरल भाग को प्लाज्मा कहते हैं। यह हल्का पीला, चिपचिपा तरल होता है। इसमें 90 % पानी और 3. 5 % नमक होता है। 


हीमोग्लोबिन के कारण रेड ब्लड सेल्स का रंग लाल होता है। इनका कार्य शरीर के विभिन्न भागों तक ऑक्सीजन की सप्लाई करना है। 


श्वेत रक्त कोशिकाएं (तकनीकी शब्द ल्यूकोसाइट) संक्रमण से लड़ती हैं और हमें बीमारियों से बचाती हैं। श्वेत रक्त कोशिकाएं संक्रमण से लड़ने के लिए रसायन बनाती जिसे एंटीबॉडी कहते हैं।


प्लेटलेट्स कट में खून के थक्के जमने में मदद करते हैं। यदि हमारे शरीर में प्लेटलेट्स ना हो तो मामूली कटने में भी शरीर से खून का बहना नहीं रुकेगा और जान भी जा सकती है। 


एक वयस्क शरीर में लगभग 1 लाख किलोमीटर रक्त वाहिकाएं शरीर से होकर गुजरती हैं।



रक्त संरचना और कार्य

रक्त हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करता है।


रक्त श्वसन प्रणाली और कोशिकाओं के बीच ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड ले जाने में मदद करता है। रक्त संग्रहीत भोजन और विटामिन को कोशिकाओं या अंगों और ऊतकों तक ले जाने में मदद करता है। यह ऊतक कोशिकाओं से अपशिष्ट उत्पादों को उत्सर्जन अंग में ले जाने में मदद करता है और जल संतुलन को नियंत्रित करता है। इसमें शरीर में संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी होते हैं। 


यह पोषक तत्वों और पानी को शरीर के सभी भागों में पहुंचाने में मदद करता है। यह रक्त के थक्के बनाकर दुर्घटनाओं के मामले में अत्यधिक रक्तस्राव को रोकता है। यह हार्मोन को ग्रंथियों से उन हिस्सों तक पहुँचाता है जहाँ क्रिया के लिए इसकी आवश्यकता होती है।  यह एक जीव के नियमन और पूरे शरीर में समान रूप से गर्मी के वितरण में मदद करता है।


रक्त समूह और उनकी विशेषताएं

सभी इंसानो के रक्त का रंग लाल ही होता है, परन्तु यह अलग अलग होता है। लाल रक्त कोशिकाओं में प्रोटीन मोलेक्युल्स होते हैं इन्हे एंटीजन कहते है। ये एंटीजन शरीर में एंटीबाडीज के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं। एंटीबाडीज रासायनिक पदार्थ होते है। ये ह्यूमन इम्यून सिस्टम का निर्माण करते हैं। ये एंटीबाडीज फॉरेन पदार्थ के प्रति रिएक्टिव होते हैं। शरीर में मौजूद एंटीजन और एंटीबाडीज के आधार पर ब्लड अलग अलग प्रकार का  होता है। 


एंटीजन लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाते हैं और एंटीबॉडी प्लाज्मा में मौजूद होते हैं।

मनुष्यों में प्रतिजन और प्रतिरक्षी के आधार पर 4 प्रकार के रक्त समूह होते हैं।


 

Blood group

A antigen- B antibody- donate blood A and AB- receive blood A and O



Blood group

B antigen-A  antibody- donate blood B and AB-receive blood B and O



AB Blood group

A and B antigen- none  antibody- donate blood AB- receive blood AB, A, B, and O



Blood group 

antigen none- A and B  antibody- donate blood A, B, O, and AB- receive blood O




रीसस कारक या आरएच कारक Rhesus factor or Rh factor


रक्त में एक और एंटीजन होता है जो रीसस फैक्टर होता है। यह प्राप्तकर्ता को दिए जाने वाले रक्त आधान की अनुकूलता निर्धारित करता है।

रीसस कारक सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है। Rh नेगेटिव व्यक्ति के प्लाज्मा में Rh कारक की तुलना में एंटीबॉडी नहीं होती है। 


Rhesus factor or Rh factor के आधार पर ब्लड ग्रुप 


blood transfusion compatibility
Blood transfusion


रक्त वाहिकाएं

रक्त वाहिकाएं हमारे पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने और वापस लाने के लिए बनी एक पाइप नुमा सरंचना होती है। हमारे शरीर में 3 तरह की रक्त वाहिकाएं होती हैं। आर्टरीज, वेन्स, और कैपिलरीज। 


arteries रक्त वाहिकाएं खून को हमारे ह्रदय से पुरे शरीर में पहुंचने का कार्य करती हैं। आर्टरी पुरे शरीर में फैली होती हैं। इनमे खून का प्रेशर बहुत अधिक होता है इसलिए इनकी वाल मोटी होती है। हमारे शरीर की सबसे मुख्य आर्टरी को aorta कहते हैं। 


veins रक्त वाहिकाएं पुरे शरीर से रक्त को वापस ह्रदय में पहुँचती हैं। हाथ पैर में स्किन के ठीक नीचे जो लाइन दिखती हैं वे वेइन्स होती हैं। इनमे खून का प्रेशर कम रहता है इसलिए इनकी वाल पतली होती है। 


capillaries रक्त वाहिकाएं आर्टरी और वीन को कनेक्ट करती हैं। आर्टरी का अंतिम शिरा vein के सिरे से कनेक्ट रहता है। 



नाड़ी पल्स  

जब रक्त आर्टरीज में दबाब force  के साथ प्रवेश करता है तो  Arteries थोड़ी से फैल जाती है उसे ही पल्स कहते हैं। heartbeats और  pulse दोनों बराबर होती हैं। 


heartbeats =  pulse =  70 - 80/minute .  when resting. 


दिल की धड़कन = नाड़ी = 70 - 80/ मिनट - आराम करते समय।



         दिल की दर चार्ट, आराम करते समय। Heart rate chart, while at rest.                    


  • Adult heart rate - 70 - 80 per minute;
  • 7 - 15 years - 80 - 90 per minute;
  • 2 - 3 years - 100 - 115 per minute;
  • 1 year - 115 - 130 per minute;
  • Neonatale - 130 - 140 per minute;
  • Foetus - 140 - 150 per minute.



हृदय रेट तालिका देखने से स्पष्ट है कि, बढ़ती उम्र के साथ साथ  हृदय गति रेट भी कम हो जाती है। दूसरे शब्दों में, हम यह भी कह सकते हैं कि हृदय गति बढ़ने का अर्थ है तेज रक्त परिसंचरण, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्व शरीर की कोशिकाओं, ऊतकों तक जल्दी पहुंचने में मदद करते हैं। भ्रूण और छोटे बच्चों को उनके विकास के लिए पोषक तत्वों की अधिक आवश्यकता होती है। 



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